Swar स्वर किसे कहते हैं

Swar स्वर किसे कहते हैं

स्वर Swar एक निश्चित ऊँचाई की आवाज का नाम है। यह कर्ण मधुर आनंददायी होता है। जिसमें स्थिरता होनी चाहिये, जिसे कुछ देर सुनने पर, मन में आनंद की लहर पैदा होनी चाहिये। यह अनुभूति की वस्तु है। भारतीय संगीत में एक स्वर की उँचाई से ठीक दुगुनी उँचाई के स्वर के बीच 22 संगीतोपयोगि … Read more

Nad नाद किसे कहते हैं

Nad नाद किसे कहते हैं

आवाज अथवा ध्वनि विशेष को नाद कहते हैं। दो पदार्थों के परस्पर टकराने से नाद Nad या आवाज उत्पन्न होती है। इसके दो भेद हैं – एक, जो नाद क्षणिक हो, लहर शून्य अथवा जड़ हो, तो वह आवाज संगीत के लिये अनुपयोगी तथा स्वर शून्य रहेगी। लेकिन दूसरे प्रकार की आवाज कुछ देर तक … Read more

Raga राग किसे कहते हैं

Raga राग किसे कहते हैं

राग Raga संगीत की आत्मा हैं, संगीत का मूलाधार। राग शब्द का उल्लेख भरत नाट्य शास्त्र में भी मिलता है। रागों का सृजन बाईस श्रुतियों के विभिन्न प्रकार से प्रयोग कर, विभिन्न रस या भावों को दर्शाने के लिए किया जाता है। प्राचीन समय में रागों को पुरूष व स्त्री रागों में अर्थात राग व … Read more

Praveshika Pratham Syllabus – 2nd Exam

Praveshika Pratham Syllabus - 2nd Exam

अखिल भारतीय गंधर्व महाविद्यालय Praveshika Pratham Syllabus प्रथम वर्ष प्रवेशिका के लिए आवश्यक तैयारी । गायन  / वादन-पूर्णांक -75 अंक ।  शास्त्र  1 – निम्नलिखित शब्दों की संक्षिप्त परिभाषाएँ: संगीत, ध्वनि, ध्वनि, स्वर, शुद्ध स्वर, विकृत स्वर (कोमल / तीव्र ) वर्जित स्वर , सप्तक, मेल, अलंकार , राग, जाति (औडव, षाड़व ,संपूर्ण) वादी, संवादी, पकड़ … Read more

1st year syllabus- Akhil Bhartiya Gandharva Mahavidyalaya

अखिल भारतीय गन्धर्व महाविद्यालय का प्रथम वर्ष का पाठ्यक्रम 1st year syllabus विद्यार्थियों  को ध्यान में रख के बनाया गया है ताकि विद्यार्थी क्रमानुसार संगीत की जानकारी ले सकें और उसे बेहतर तरीके से सीख सकें। इस पाठ्यक्रम में प्रारंभिक विद्यार्थी स्वर और ताल से परिचित होते हैं।  प्राम्भिक वर्ष की परीक्षा में विद्यार्थियों को क्रियात्मक … Read more

Indian Classical Music – History भारतीय शास्त्रीय संगीत – इतिहास

Indian Classical Music - History भारतीय शास्त्रीय संगीत - इतिहास

Indian Classical Music – History भारतीय शास्त्रीय संगीत – इतिहास का अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय संगीत से, सम्पूर्ण भारतवर्ष की गायन वादन कला का बोध होता है। भारतीय शास्त्रीय संगीत की दो पद्धतियाँ (Method)  हैं। 1 – हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति। 2 – दक्षिण भारतीय संगीत पद्धति अथवा कर्नाटक संगीत पद्धति । कर्नाटक … Read more

Origin of Indian Classical Music भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति

Origin of Indian Classical Music भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति

भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति Origin of Indian Classical Music सबसे पुराने हिंदू शास्त्र सामवेद से मानी जाती है। इसमें सा, रे, गा, मा, पा, धा, नी और सा के आठ बुनियादी सुरों के साथ सबसे जटिल और पूर्ण संगीत प्रणाली है। इसकी प्रकृति मोनोफोनिक (एक लय में गाया जाने वाला) है। भारतीय शास्त्रीय संगीत … Read more

Indian Classical Music भारतीय शास्त्रीय संगीत परिचय

Indian Classical Music Introduction भारतीय शास्त्रीय संगीत परिचय

भारतीय शास्त्रीय संगीत Indian Classical Music आज से लगभग ३००० वर्ष पूर्व रचे गए वेदों को संगीत का मूल स्रोत माना जाता है। ऐसा मानना है कि ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को संगीत वरदान में दिया था। चारों वेदों में, सामवेद के मंत्रों का उच्चारण उस समय के वैदिक सप्तक या समगान के अनुसार … Read more